पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बुधवार (29 अप्रैल 2026) को दूसरे और आखिरी चरण का मतदान संपन्न हो जाएगा. इस चरण के पूरा होते ही 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में सभी प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो जाएगा. पश्चिम बंगाल में यह अंतिम चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसी के साथ संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी. दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोटिंग हो रही है. पूरे प्रदेश में चुनाव को लेकर वातावरण काफी गरम है और सभी जिलों में राजनीतिक हलचल तेज है. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिल रही है. दोनों ही दल आखिरी वक्त में मतदाताओं से अधिक से अधिक वोट डालने की अपील कर रहे हैं.
देशवासियों की निगाहें एग्जिट पोल पर लगी हैं. निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक, एग्जिट पोल के परिणाम बुधवार (29 अप्रैल 2026) शाम 6:30 बजे के बाद ही प्रकाशित किए जा सकते हैं. इससे पहले इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, पहले चरण में पश्चिम बंगाल में 93.2 प्रतिशत की रिकॉर्ड वोटिंग हुई थी. तमिलनाडु में 85.1 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. असम में सभी 126 सीटों पर वोटिंग पूरी हो चुकी है, जहां 85.5 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया. केरल में 140 सीटों पर मतदान हुआ, जहां 75 से 78 प्रतिशत के बीच वोटिंग दर्ज की गई. पुडुचेरी में 89.87 प्रतिशत मतदान हुआ, जो वहां का अब तक का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत है. इन समस्त राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में मतगणना 4 मई को होगी, जिसके बाद परिणाम सामने आएंगे.
एग्जिट पोल क्या होता है, इसे सरल शब्दों में समझें तो यह एक प्रकार का सर्वेक्षण होता है. इसमें मतदान करने के बाद जब लोग पोलिंग बूथ से बाहर आते हैं, तब उनसे पूछा जाता है कि उन्होंने किसे वोट दिया. इसका उद्देश्य यह जानना होता है कि जनता का झुकाव किस तरफ है, ताकि आधिकारिक परिणामों से पहले एक अनुमान लगाया जा सके. इस प्रक्रिया में विभिन्न सर्वे एजेंसियां और मीडिया संगठन अपने प्रतिनिधियों को कुछ चुनिंदा मतदान केंद्रों पर तैनात करते हैं. जैसे ही कोई मतदाता बाहर आता है, उससे कुछ सवाल पूछे जाते हैं. फिर इन उत्तरों को एकत्र कर आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण किया जाता है. इसके माध्यम से यह अनुमान लगाया जाता है कि किस दल को कितने वोट मिल सकते हैं और वे कितनी सीटें जीत सकती हैं.